Wednesday, March 30, 2016

विजय माल्या -आखिर माल लेकर कैसे भाग लिया

ये हैं विजय माल्या. नाम के अनुरूप, ये ठग भारतीयों का 'माल लिया' और भाग लिया. अगर किसी साधारण व्यक्ति ने बैंक से केवल पाँच  लाख  का भी लोन लिया हो तो ये समझो कि उसका जेल में सड़ना तय रखा है पर ये महाशय बैंकों का ९००० करोड़ रूपये दबाए बैठे हैं. तो इसे ऐसे समझिए कि ९००० लोग बैंकों का एक करोड़ रूपये दबाए बैठे है. आप लोगोंकी  जानकारी के लिए बता दूँ कि ऐसे और भी बकायेदार हैं भारत में. ५००-१००० करोड़ वालों की तो लाइन लगी है.
पर सरकारें क्या कर रही हैं? ये लोग इनको पीछे के रास्ते से बचाने और भगाने में लगे हैं. विजय माल्या जैसे अय्याश इन नेताओं को धन, सुरा और सुंदरियाँ उपलब्ध करवाते हैं. ऐसे में इनका कुछ बिगाड़ने की सोच कर भी इन लोगों की 'वफादारी' इन्हें कचोटने लगती है.
संसद तो शायद होती हंगामा करने के लिए है. एक दूसरे पर आरोप लगाते रहो और इन बेईमानों को खेल खेलने का मौका देते रहो.
अब तो विजय जी भी कह रहे हैं कि मेरे बेटे का नाम मत घसीटो. इन बेईमानों से ये पूछो कि जिस भारतीय जनता के पैसे इन्होने मारे क्या वो सब के सब बिना बच्चों वाले थे.

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