Tuesday, June 15, 2021

राम के नाम पर

 यूँ तो मै किसी राजनीतिक पार्टी या धर्म विशेष के नाम पर कुछ लिखता नहीं पर आज जब मुझे लगता है मेरे देशवासी हर तरह से आँखें मूंदे और रेत में सर गडाए ही रहना चाहते हैं तो फिर लिखना बनता है क्योंकि बात उस देश की है जहाँ दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या निवास करती है. यहाँ ये भी बता दूं कि भारतीय जनता पार्टी के बारे में तथ्य बताने का अर्थ ये बिलकुल नहीं कि मै किसी और पार्टी का पक्ष लेना चाहता हूँ या फिर किसी और नेता को इनके नेताओं से ऊपर बताना चाहता हूँ क्योंकि मेरी ये पोस्ट तुलनात्मक नहीं व्याख्यात्मक है .

पहली बात तो ये कि आप ज़रा आँकड़े देखें - 

१- १९९१ के बाद बेरोजगारी का सबसे बड़ा प्रतिशत 

२- विश्व में भुखमरी के मामले में १०७ देशों में भारत का ९४ वां स्थान 

३- भ्रष्टाचार के मामले में ४० अंक पाकर १८० देशों में भारत का ८६वां स्थान 

४- भारत की अपेक्षित आर्थिक वृद्धि का अनुमान तो ऋणात्मक भी लगाया है विश्व की बेहतरीन आर्थिक संस्थाओं ने .

५- विश्व में सबसे बदतर तरीके से अगर कोरोना की रोकथाम यदि कहीं की गयी तो वो भारत में. इस मामले में नेपाल, भूटान और बंगलादेश जैसे देश भी हमसे आगे खड़े थे.

५- पिछले सात वर्षों में देश  पर सर्वाधिक आतंकी हमले हुए और विदेशियों ने घुसपैठ की कोशिश की जिसमे चीन जैसा शक्तिशाली देश ही नहीं नेपाल जैसा छोटा देश भी शामिल है. 

६- महंगाई की तो हालत ये है कि आजादी के बाद से ये उच्चतम स्तर पर है. ये हाल तो तब है जब लोगों की जेब में खाना भी खरीदने के पूरे पैसे नहीं हैं.

कोरोना काल में कितने ही लोगों की जान गयी और कितने ही लोगों का रोजगार छिना पर सरकार का टैक्स ज़रा भी कम नहीं हुआ क्योंकि सरकार ने किसी भी तरह का टैक्स नहीं रोका, कोई बिल नहीं छोड़ा और अपनी कमाई के जरिये में कुछ भी ऐसा नहीं किया कि लोगों को लगे कि उन्हें राहत दी गयी. प्रधानमन्त्री जी ने बीस लाख करोड़ का पॅकेज देने की बात की वो केवल बात ही थी पर उसमे से किसी को बीस रूपये भी मिले या नहीं, ये आज तक स्पष्ट नहीं हुआ. बात सीधी सी है....देश बर्बाद हो रहा है और हमे समझाया जा रहा है 

१- अगर आप सरकार के खिलाफ कुछ कहेंगे तो आप देशद्रोही हैं 

२- भाजपा केखिलाफ कुछ कहना हिन्दू धर्म के खिलाफ है.

३- अगर ये सरकार गयी तो हिन्दुओं को खत्म कर दिया जाएगा और उनकी माँ बहनों का बलात्कार किया जाएगा.

४- प्रधानमन्त्री देव पुरुष हैं और उन पर संदेह करना या व्यंग्य करना मानवता के प्रति अपराध है. 

५- साथ ही हमेशा तुलनात्मक अध्ययन पर बात आ जाती है जैसे यदि ये गए तो कौन आयेगा बाकी पार्टियों ने इतने साल में क्या किया...वगैरा....वगैरा.....

तो इस बारे में मुझे यही कहना है कि हिन्दू धर्म इतना नाजुक और कमजोर भी नहीं कि वो एक पार्टी या एक सरकार की दया पर अपना अस्तित्व बचाने की सोचने लगे. कितने ही आतताइयों और आक्रमणकारियों का मुकाबला करके भी इस धर्म ने अपने आप को अक्षुण रखा है. लोगों में ये भ्रम फैलाने का कारण केवल उनका ध्यान मुख्या मुद्दों से दूर रखना है. पर मेरा आप सभी से हाथ जोड़ कर अनुरोध है कि इस तरह खुद को बर्बादी की ओर न ले जाएँ. सरकार के अच्छे काम की प्रशंसा करें परन्तु उसके गलत कामों की निंदा भी उतनी ही आवश्यक है. प्रश्न किसी पार्टी, सरकार या व्यक्ति का नहीं, हमारे देश का है...और देश इन सबसे ऊपर था और रहेगा.